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संघर्ष की आग

चल पड़ा हूँ राहों में, काँटों की चुभन के साथ, हर कदम पे अंधेरे हैं, पर दिल में है विश्वास। तूफ़ानों ने रोका बहुत, हवाओं ने तोड़ा है, पर हर बार मैंने ख़ुद को, और मज़बूत जोड़ा है। मंज़िलें दूर सही, पर हौसला साथ है, टूट जाएँ सारे सपने, फिर भी दिल में बात है। कि रुकना नहीं, झुकना नहीं, हर ठोकर से कुछ सीखना है, डर को अंदर से चीर देना है। हर दर्द एक सबक बना, हर आँसू ने ताक़त दी, जिसने हँस के सह लिया, उसी को दुनिया ने इज़्ज़त दी। संघर्ष ही है असली पूजा, यही सबसे बड़ा व्रत है, जो हार के भी चलता रहा, वही असली विजेता है। मत पूछो कितनी रातें जागा हूँ, मत जानो कितनी बार टूटा हूँ। बस इतना समझ लो कि आज खड़ा हूँ, क्योंकि हर बार फिर से खुद से जुड़ा हूँ। जब रास्ता ना दिखा, तो खुद ही राह बनाई, ठोकरें खाकर भी मैंने, मुस्कान सजाई। लोग कहते रहे “ये नहीं होगा तुझसे”, मैं हर 'ना' के जवाब में, 'हाँ' बनकर उभरा हूँ उससे। कभी पेट खाली था, जेब भी वीरान थी, फिर भी आँखों में सपना था, और सीने में जान थी। धूप ने जलाया, बारिश ने भिगोया, लेकिन अंदर का जुनून, हर मौसम से भिड़ गया, ...

रौशनी की आस

धूप-छाँव के खेल में उम्र गुजरती रही, हर दिन एक नया सवाल बनकर उभरती रही। कभी मुस्कुराहटों में छुपा दर्द भी था, कभी खामोशी में भी इक इबादत सी थी। चलते गए हम अकेले पगडंडियों पे, ना कोई साया, ना कोई साथ था। हवा भी सवालों की तरह टकराई, हर साँस में एक अनकहा बात था। https://www.profitableratecpm.com/m7vf9esud?key=b48a2a2ac2afc738a5ad6a52597e1c0a कभी सपनों ने धोखा दिया, कभी अपनों ने पीठ मोड़ ली, पर एक उम्मीद थी सीने में दबी, जो हर तूफ़ान में भी ना टूटी, ना छोड़ी। https://www.profitableratecpm.com/m7vf9esud?key=b48a2a2ac2afc738a5ad6a52597e1c0a टूटी शाखों से भी फूल खिलते देखे, जलते जंगल में भी हरियाली की आहट सुनी। हर पतझड़ में बसंत की खुशबू समेटी, और हर हार में जीत की दस्तक जानी। जीवन के इस लंबे सफर में जाना, हर मोड़ इक नया सबक होता है। जो गिरने से डर गया, वो क्या जिएगा? जो रुका नहीं, वही तो चलता रहेगा। आँखों के आँसू भी अब थक चुके हैं, पर दिल की बात कहने को तड़पते हैं। कभी सोचता हूँ — क्या यही है किस्मत? या अभी और भी मंज़िलें बाकी हैं? एक चिंगारी बची है सीने में अब भी, जो...